एपस्टीन फाइल्स से जुड़ा दुबई के पोर्ट जायंट के प्रमुख का नाम, खुलासे के बाद पद से दिया इस्तीफा
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) की ओर से यौन अपराध के दोषी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े 30 लाख दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के बाद हलचल मच हुआ है. इन दस्तावेजों में दुनिया के कई प्रमुख लोगों के नाम के खुलासे भी हुए हैं, जो चर्चा के प्रमुख विषय बन गए हैं. इसी कड़ी में दुबई के ग्लोबल पोर्ट जायंट कंपनी डीपी वर्ल्ड के प्रमुख का नाम भी सामने आया, जिन्होंने एपस्टीन से अपने संबंधों को लेकर बढ़ते दबाव के बाद कंपनी से इस्तीफा दे दिया है. ग्लोबल पोर्ट ऑपरेटर डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन और सीईओ (CEO) सुल्तान अहमद बिन सुलायम का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में जारी हुए फाइलों से पता चला कि अमीरती कारोबारी ने करीब एक दशक के बीच एपस्टीन के साथ सैकड़ों की संख्या में ईमेल का लेनदेन किया था. हालांकि, इन फाइलों में नाम सामने आना किसी भी तरह की गलत कार्रवाई से शामिल होने का सबूत नहीं है. कंपनी ने नए चेयरमैन और CEO को किया नियुक्त बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्ट जायंट डीपी वर्ल्ड ने शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) को सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलायम के इस्तीफे की घोषणा की. इस घोषणा के साथ कंपनी ने कहा कि यह तुरंत प्रभाव से लागू होगा. वहीं, इसके घोषणा के साथ कंपनी ने एसा काजिम को नया चेयरमैन और युवराज नारायण को नया सीईओ नियुक्त किया है. कंपनी की वेबसाइट से सुलायम की फोटो भी हटा दी गई है. दुबई की कंपनी पर सहयोगी संस्थानों ने डाला दबाव दुबई के स्वामित्व वाली लॉजिटिक्स कंपनी डीपी वर्ल्ड हाल ही में अपने सहयोगी संस्थानों से बढ़ते दबाव का सामना कर रही थी, जो दुनिया के छह महाद्वीपों में पोर्ट टर्मिनल्स का संचालन करती है और ग्लोबल ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इस हफ्ते की शुरुआत में, ब्रिटेन के डेवलपमेंट फाइनेंस एजेंसी और कनाडा के दूसरे सबसे बड़े पेंशन फंड ला कैसे ने कंपनी में नए निवेश को रोकने की घोषणा की थी. इसके अलावा, सुलायम का एपस्टीन से जुड़े नए फाइलों में आने के बाद प्रिंस ऑफ वेल्स की अर्थशॉट प्रोजेक्ट, जिसे डीपी वर्ल्ड से फंडिंग मिली थी, को भी यूके चैरिटी कमीशन के पास रिपोर्ट किया गया.
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) की ओर से यौन अपराध के दोषी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े 30 लाख दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के बाद हलचल मच हुआ है. इन दस्तावेजों में दुनिया के कई प्रमुख लोगों के नाम के खुलासे भी हुए हैं, जो चर्चा के प्रमुख विषय बन गए हैं. इसी कड़ी में दुबई के ग्लोबल पोर्ट जायंट कंपनी डीपी वर्ल्ड के प्रमुख का नाम भी सामने आया, जिन्होंने एपस्टीन से अपने संबंधों को लेकर बढ़ते दबाव के बाद कंपनी से इस्तीफा दे दिया है.
ग्लोबल पोर्ट ऑपरेटर डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन और सीईओ (CEO) सुल्तान अहमद बिन सुलायम का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में जारी हुए फाइलों से पता चला कि अमीरती कारोबारी ने करीब एक दशक के बीच एपस्टीन के साथ सैकड़ों की संख्या में ईमेल का लेनदेन किया था. हालांकि, इन फाइलों में नाम सामने आना किसी भी तरह की गलत कार्रवाई से शामिल होने का सबूत नहीं है.
कंपनी ने नए चेयरमैन और CEO को किया नियुक्त
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्ट जायंट डीपी वर्ल्ड ने शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) को सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलायम के इस्तीफे की घोषणा की. इस घोषणा के साथ कंपनी ने कहा कि यह तुरंत प्रभाव से लागू होगा. वहीं, इसके घोषणा के साथ कंपनी ने एसा काजिम को नया चेयरमैन और युवराज नारायण को नया सीईओ नियुक्त किया है. कंपनी की वेबसाइट से सुलायम की फोटो भी हटा दी गई है.
दुबई की कंपनी पर सहयोगी संस्थानों ने डाला दबाव
दुबई के स्वामित्व वाली लॉजिटिक्स कंपनी डीपी वर्ल्ड हाल ही में अपने सहयोगी संस्थानों से बढ़ते दबाव का सामना कर रही थी, जो दुनिया के छह महाद्वीपों में पोर्ट टर्मिनल्स का संचालन करती है और ग्लोबल ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इस हफ्ते की शुरुआत में, ब्रिटेन के डेवलपमेंट फाइनेंस एजेंसी और कनाडा के दूसरे सबसे बड़े पेंशन फंड ला कैसे ने कंपनी में नए निवेश को रोकने की घोषणा की थी.
इसके अलावा, सुलायम का एपस्टीन से जुड़े नए फाइलों में आने के बाद प्रिंस ऑफ वेल्स की अर्थशॉट प्रोजेक्ट, जिसे डीपी वर्ल्ड से फंडिंग मिली थी, को भी यूके चैरिटी कमीशन के पास रिपोर्ट किया गया.

