TTP Missile Attack: खैबर पख्तूनख्वाह में TTP का मिसाइल हमला! फ्रंटियर कॉर्प्स पोस्ट तबाह, 14 सैनिकों की मौत, दो बच्चों की भी गई जान
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में अफगानिस्तान सीमा से सटे बाजौर जिले में बीती रात बड़ा आतंकी हमला हुआ. मामुंड तहसील के मलंग मदरसे में स्थित पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल Frontier Corps की पोस्ट को निशाना बनाते हुए Tehrik-i-Taliban Pakistan (टीटीपी) ने देर रात करीब 10:30 बजे छह अल-फारूक मिसाइल दागने का दावा किया है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स की मलंग पोस्ट पूरी तरह तबाह हो गई. अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक 14 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 जवानों को मलबे से बाहर निकाला गया है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है. रिहायशी इलाके में भी गिरी मिसाइल बताया जा रहा है कि दागी गई छह मिसाइलों में से एक पास के एक घर पर गिरी, जिससे दो बच्चों की मौत हो गई. हमले की वजह से आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है. स्थानीय प्रशासन ने इलाके को घेरकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है. टीटीपी ने दावा किया है कि उसने खुद तैयार की गई “अल-फारूक” मिसाइलों का इस्तेमाल किया. संगठन ने अपने बयान में 40 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है. अगस्त 2021 के बाद बढ़ी टीटीपी की गतिविधियां अफगानिस्तान में अगस्त 2021 में तालिबान की वापसी के बाद से पाकिस्तान में टीटीपी की गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है. पहले जहां संगठन ड्रोन हमलों और आत्मघाती हमलों के जरिए सुरक्षा बलों को निशाना बनाता था, वहीं अब सैन्य ठिकानों पर कथित तौर पर स्वनिर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आ रही हैं. इससे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. टीटीपी ने ली हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उसने बाजौर में स्थित फ्रंटियर कॉर्प्स की मलंग पोस्ट पर छह मिसाइलें दागीं. संगठन ने हमले का वीडियो जारी करने का भी दावा किया है. फिलहाल पाकिस्तान की ओर से इस घटना पर आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है. सुरक्षा एजेंसियां हमले की जांच में जुटी हैं और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में अफगानिस्तान सीमा से सटे बाजौर जिले में बीती रात बड़ा आतंकी हमला हुआ. मामुंड तहसील के मलंग मदरसे में स्थित पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल Frontier Corps की पोस्ट को निशाना बनाते हुए Tehrik-i-Taliban Pakistan (टीटीपी) ने देर रात करीब 10:30 बजे छह अल-फारूक मिसाइल दागने का दावा किया है.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स की मलंग पोस्ट पूरी तरह तबाह हो गई. अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक 14 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 जवानों को मलबे से बाहर निकाला गया है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
रिहायशी इलाके में भी गिरी मिसाइल
बताया जा रहा है कि दागी गई छह मिसाइलों में से एक पास के एक घर पर गिरी, जिससे दो बच्चों की मौत हो गई. हमले की वजह से आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है. स्थानीय प्रशासन ने इलाके को घेरकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है. टीटीपी ने दावा किया है कि उसने खुद तैयार की गई “अल-फारूक” मिसाइलों का इस्तेमाल किया. संगठन ने अपने बयान में 40 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
अगस्त 2021 के बाद बढ़ी टीटीपी की गतिविधियां
अफगानिस्तान में अगस्त 2021 में तालिबान की वापसी के बाद से पाकिस्तान में टीटीपी की गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है. पहले जहां संगठन ड्रोन हमलों और आत्मघाती हमलों के जरिए सुरक्षा बलों को निशाना बनाता था, वहीं अब सैन्य ठिकानों पर कथित तौर पर स्वनिर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आ रही हैं. इससे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
टीटीपी ने ली हमले की जिम्मेदारी
टीटीपी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उसने बाजौर में स्थित फ्रंटियर कॉर्प्स की मलंग पोस्ट पर छह मिसाइलें दागीं. संगठन ने हमले का वीडियो जारी करने का भी दावा किया है. फिलहाल पाकिस्तान की ओर से इस घटना पर आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है. सुरक्षा एजेंसियां हमले की जांच में जुटी हैं और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है.

