न जंजीर-न शोले, वो फिल्म जिसने बदले हिंदी सिनेमा के तेवर, 15 घंटे कमरे कैद होकर अमिताभ बच्चन ने किया था रिकॉर्ड

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ सीन और डायलॉग्स ऐसे होते हैं, जो सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं रह जाते, बल्कि सांस्कृतिक विरासत बन जाते हैं. 1975 में आई फिल्म आई एक ब्लॉकबस्टर फिल्म की हिट डायलॉग भी ऐसा ही है, जिसको आप गली-गली में बच्चों को मुंह से आज भी सुन लेते होंगे. ये फिल्म शोले नहीं है, लेकिन शोले की तरह दो हीरो-दो हीरोइन के साथ कई कलाकार है. एक डायलॉग के लिए अमिताभ बच्चन ने खुद को 15 घंटे कैद रखा था और जब बाहर आकर उन्होंने शूट किया तो ये सीन अमर बना गया.

न जंजीर-न शोले, वो फिल्म जिसने बदले हिंदी सिनेमा के तेवर, 15 घंटे कमरे कैद होकर अमिताभ बच्चन ने किया था रिकॉर्ड
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ सीन और डायलॉग्स ऐसे होते हैं, जो सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं रह जाते, बल्कि सांस्कृतिक विरासत बन जाते हैं. 1975 में आई फिल्म आई एक ब्लॉकबस्टर फिल्म की हिट डायलॉग भी ऐसा ही है, जिसको आप गली-गली में बच्चों को मुंह से आज भी सुन लेते होंगे. ये फिल्म शोले नहीं है, लेकिन शोले की तरह दो हीरो-दो हीरोइन के साथ कई कलाकार है. एक डायलॉग के लिए अमिताभ बच्चन ने खुद को 15 घंटे कैद रखा था और जब बाहर आकर उन्होंने शूट किया तो ये सीन अमर बना गया.