Tejashwi Yadav Election Result 2025: राघोपुर सीट पर तेजस्वी यादव को बड़ी जीत! RJD की करारी हार पर तेजप्रताप ने कसा तंज, कहा- '...फेलस्वी हो गए'
राजद नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने आखिरकार राघोपुर से जीत दर्ज की, लेकिन मुकाबला बेहद कड़ा रहा। पूरे दिन उतार-चढ़ाव के बाद वे किसी तरह सीट बचाने में सफल रहे। तेजस्वी ने सिर्फ 14532 वोटों से जीत हासिल की।उन्हें बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार से कड़ी टक्कर मिली।इस लड़ाई ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Tejashwi Yadav Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के नतीजों का ऐलान बीते कल यानी 14 नवंबर 2025, शुक्रवार को गया। ऐसे में जहां एक तरफ उम्मीद की जा रही थी, एनडीए और महागठबंधन के कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। लेकिन चुनाव एकतरफा जनादेश में बदल गई।सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने शानदार जीत दर्ज की है।243 सीटों में से NDA को 202 सीटें मिली हैं। वहीं सरकार बनाने का दावा ठोक रहे महागठबंधन को महज 40 सीटों पर ही सिमट गई। 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सिर्फ 25 सीटों पर जीत हासिल की।
राजद नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने आखिरकार राघोपुर से जीत दर्ज की, लेकिन मुकाबला बेहद कड़ा रहा। पूरे दिन उतार-चढ़ाव के बाद वे किसी तरह सीट बचाने में सफल रहे। तेजस्वी ने सिर्फ 14532 वोटों से जीत हासिल की।उन्हें बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार से कड़ी टक्कर मिली।
इस लड़ाई ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को अपने परिवार में भी आपसी लड़ाई का सामना करना पड़ा था।दूसरी तरफ उनके भाई और जनशक्ति जनता दल के मुखिया तेज प्रताप ने भी मौका देखकर कसर नहीं छोड़ी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक पोस्ट में तेज प्रताप ने आगे कहा, "मैं तो हारकर भी जीता हूं, क्योंकि मेरे साथ जनता का प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद खड़ा है। लेकिन सच्चाई कड़वी है। इन जयचंदों ने RJD को भीतर से खोखला कर दिया, बर्बाद कर दिया। इसी वजह से आज तेजस्वी फेलस्वी हो गया।
Tejashwi Yadav Election Result 2025: जनता ही मां-बाप-तेजप्रताप
जनशक्ति जनता दल के मुखिया तेज प्रताप ने कहा, कि जिन्होंने अपनी कुर्सी और अपनी राजनीति बचाने के लिए अपने ही घर को आग लगा दी, इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। मैं बार-बार कहता हूं कि जनता ही मां-बाप होता है। जनता का फैसला सर-माथे पर और आज भी उसी भावना के साथ मैं आपका फैसला स्वीकार करता हूं।"उन्होंने कहा कि हार और जीत अलग बातें हैं, लेकिन इरादा और प्रयास ही असली जीत होते हैं। महुआ की जनता से मैंने जो वादे किए थे, उनको निभाने का प्रयास मैं लगातार करता रहूंगा, चाहे मैं विधायक बनूं या नहीं। मेरे दरवाजे हर समय जनता के लिए खुले रहेंगे।
मालूम हो कि साल 2020 में तेजस्वी ‘परिवर्तन का चेहरा’ बनकर उभरे थे। 10 लाख सरकारी नौकरियों का उनका वादा चुनावी माहौल पर पूरी तरह हावी था।इसी का परिणाम था, कि आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन इस बार 'हर परिवार को एक सरकारी नौकरी' का उनका वादा युवाओं ने खोखला माना, खासकर तब जब नौकरी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सड़क पर उतरे युवाओं के बीच तेजस्वी कई मौकों पर नदारद रहे।

