CBSE Board Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा का आगाज, 43 लाख से अधिक स्टूडेंट्स होंगे शामिल; पहले दिन कठिन पेपर से शुरुआत

देश के सबसे बड़े स्कूल बोर्ड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत कर दी है. हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों की हलचल देखने को मिली. आंकड़ों के मुताबिक इस सत्र में 43 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें लगभग 24 लाख छात्र और 19 लाख छात्राएं शामिल हैं. बोर्ड ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही सुरक्षा, निगरानी और मूल्यांकन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था. 10वीं-12वीं में छात्रों का बड़ा आंकड़ा, हजारों परीक्षा केंद्र सक्रिय इस वर्ष 10वीं कक्षा में करीब 25 लाख और 12वीं में लगभग 18.5 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं. यदि लिंग आधारित आंकड़ों पर नजर डालें तो 10वीं में लगभग 14 लाख लड़के और 10.9 लाख लड़कियां परीक्षा दे रही हैं. वहीं 12वीं में 10.2 लाख छात्र और 8.3 लाख छात्राएं शामिल हो रही हैं. परीक्षाओं के संचालन के लिए 10वीं के लिए 8,074 और 12वीं के लिए 7,574 केंद्र बनाए गए हैं. 10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च तक चलेंगी, जबकि 12वीं के एग्जाम 10 अप्रैल को समाप्त होंगे. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजन को देखते हुए प्रशासनिक मशीनरी भी पूरी तरह सक्रिय है. पहले ही दिन चुनौती, गणित से 10वीं की शुरुआत परीक्षा कार्यक्रम में इस बार कुछ बदलाव भी देखने को मिले हैं. 10वीं के विद्यार्थियों के लिए पहले ही दिन गणित का पेपर रखा गया है, जिसे आम तौर पर अपेक्षाकृत कठिन विषय माना जाता है. पहले यह पेपर बीच या अंतिम चरण में आयोजित होता था, लेकिन इस बार शेड्यूल में बदलाव किया गया है. वहीं 12वीं के छात्रों के लिए शुरुआती दिन बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे विषयों की परीक्षा निर्धारित की गई है. परीक्षा में शामिल होने के लिए बोर्ड द्वारा पहले ही एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं और स्कूलों ने छात्रों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं. नियमों में सख्ती, समय और ड्रेस कोड पर विशेष जोर बोर्ड ने परीक्षा अनुशासन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. परीक्षा केंद्र के गेट सुबह 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद पहुंचने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसलिए छात्रों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है. ड्रेस कोड के तहत नियमित छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य है. निजी अभ्यर्थियों को साधारण और हल्के रंग के कपड़े पहनने की अनुमति दी गई है. कॉपी जांचने की नई व्यवस्था, डिजिटल मूल्यांकन की ओर कदम इस बार 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा. यानी कॉपियों को स्कैन कर शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सके. 10वीं के छात्रों को दोहरा मौका इस सत्र की एक खास बात यह भी है कि 10वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का अवसर दिया जा रहा है. इस कदम को छात्रों पर परीक्षा के दबाव को कम करने और बेहतर प्रदर्शन का मौका देने के रूप में देखा जा रहा है. ये भी पढ़ें: फर्जी खबरों से सावधान रहने की अपील, 17 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं

CBSE Board Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा का आगाज, 43 लाख से अधिक स्टूडेंट्स होंगे शामिल; पहले दिन कठिन पेपर से शुरुआत

देश के सबसे बड़े स्कूल बोर्ड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत कर दी है. हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों की हलचल देखने को मिली. आंकड़ों के मुताबिक इस सत्र में 43 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें लगभग 24 लाख छात्र और 19 लाख छात्राएं शामिल हैं. बोर्ड ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही सुरक्षा, निगरानी और मूल्यांकन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था.

10वीं-12वीं में छात्रों का बड़ा आंकड़ा, हजारों परीक्षा केंद्र सक्रिय

इस वर्ष 10वीं कक्षा में करीब 25 लाख और 12वीं में लगभग 18.5 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं. यदि लिंग आधारित आंकड़ों पर नजर डालें तो 10वीं में लगभग 14 लाख लड़के और 10.9 लाख लड़कियां परीक्षा दे रही हैं. वहीं 12वीं में 10.2 लाख छात्र और 8.3 लाख छात्राएं शामिल हो रही हैं.

परीक्षाओं के संचालन के लिए 10वीं के लिए 8,074 और 12वीं के लिए 7,574 केंद्र बनाए गए हैं. 10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च तक चलेंगी, जबकि 12वीं के एग्जाम 10 अप्रैल को समाप्त होंगे. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजन को देखते हुए प्रशासनिक मशीनरी भी पूरी तरह सक्रिय है.

पहले ही दिन चुनौती, गणित से 10वीं की शुरुआत

परीक्षा कार्यक्रम में इस बार कुछ बदलाव भी देखने को मिले हैं. 10वीं के विद्यार्थियों के लिए पहले ही दिन गणित का पेपर रखा गया है, जिसे आम तौर पर अपेक्षाकृत कठिन विषय माना जाता है. पहले यह पेपर बीच या अंतिम चरण में आयोजित होता था, लेकिन इस बार शेड्यूल में बदलाव किया गया है.

वहीं 12वीं के छात्रों के लिए शुरुआती दिन बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे विषयों की परीक्षा निर्धारित की गई है. परीक्षा में शामिल होने के लिए बोर्ड द्वारा पहले ही एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं और स्कूलों ने छात्रों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं.

नियमों में सख्ती, समय और ड्रेस कोड पर विशेष जोर

बोर्ड ने परीक्षा अनुशासन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. परीक्षा केंद्र के गेट सुबह 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद पहुंचने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसलिए छात्रों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है.

ड्रेस कोड के तहत नियमित छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य है. निजी अभ्यर्थियों को साधारण और हल्के रंग के कपड़े पहनने की अनुमति दी गई है.

कॉपी जांचने की नई व्यवस्था, डिजिटल मूल्यांकन की ओर कदम

इस बार 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा. यानी कॉपियों को स्कैन कर शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सके.

10वीं के छात्रों को दोहरा मौका

इस सत्र की एक खास बात यह भी है कि 10वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का अवसर दिया जा रहा है. इस कदम को छात्रों पर परीक्षा के दबाव को कम करने और बेहतर प्रदर्शन का मौका देने के रूप में देखा जा रहा है.

ये भी पढ़ें: फर्जी खबरों से सावधान रहने की अपील, 17 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं